• फैको विधि द्वारा बिना टाँके का ऑपरेशन

    हमारी आँख में स्थित पारदर्शी लेंस के द्वारा रेटिना पर प्रकाश पडता है। यह पारदर्शी लैंस जब धूमिल पड जाता है तो हम कह सकते हैं कि मोतियाबिंद हो गया है। 
    गोमाबाई नेत्रालय में मोतियाबिंद ऑपरेशन आधुनिकतम तकनीको तथा एसआईसीएस (छोटे से चीरे द्वारा बिना टाकें का), फेको पद्धति एवं फोल्डेबल लैंस लगाकर किये जाते हैं।

  • फोल्डेबल लेन्स प्रत्यारोपण

    मोतियाबिंद ऑपरेशन आधुनिकतम तकनीको तथा एसआईसीएस (छोटे से चीरे द्वारा बिना टाकें का), फेको पद्धति एवं फोल्डेबल लैंस लगाकर किये जाते हैं।

  • बच्चों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन

    हमारी आँख में स्थित पारदर्शी लेंस के द्वारा रेटिना पर प्रकाश पडता है। यह पारदर्शी लैंस जब धूमिल पड जाता है तो हम कह सकते हैं कि मोतियाबिंद हो गया है। 

  • काले मोतिये की जाँच व इलाज

    काले मोतिये की जाँच व इलाज 

  • भैंगापन का इलाज

    सामान्य दृष्टि में हमारी दोनों आंखों का संचालन एक साथ होता है और वे तालमेल से काम करती हैं। किसी वस्तु को देखने के लिए आंखें उस ङ्क्षबदु पर एक साथ केन्द्रित हो जाती है। भैंगापन वह अवस्था है जिसमें दोनों आंखें एक साथ काम नहीं करती हैं। आम तौर पर यह अवस्था एक्सट्रा-ऑक्य्ाूलर मांसपेशी (यह आंखों के संचालन को नियंत्रित करती है) के समन्वय में त्रृटि के कारण होती है। इससे दोनों आंखों को एक ही ङ्क्षबदु पर टिकाने में बाधा उत्पन्न होती है और सामान्य दृष्टि बाधित होती है।
    हमारे चेहरे पर दो आंखें कुछ दूरी पर स्थित होती हैं। इस कारण से हमारे सामने रखी वस्तु को दोनों आंखें थोड़ा अलग-अलग कोण से देखती हैं बाईं आंख थोड़ा बाईं ओर से तथा दाईं आंख थोड़ा दाईं ओर से देखती है। इसके बाद दोनों आंखों से संकेत मस्तिष्क तक पहुंचते हैं और मस्तिष्क इन दोनों दृश्यों को मिलाकर एक चित्र बनाता है। चूंकि दोनों आंखों ने थोड़ा अलग-अलग देखा है इसी कारण हमें वस्तु की साइड भी नज़र आती है और हम गहराई को महसूस करते हैं।

  • कम्प्यूटर द्वारा चश्मे की जाँच

    कम्प्यूटर द्वारा चश्मे की जाँच सुविधा उपलब्ध 

  • कान्टैक्ट लेन्स / कॉस्मेटिक लेन्स

    मुख्यतया चश्में का नम्बर हटाने के लिए मेडिकल ग्रेड के प्लास्टिक से बने कांटेक्ट लेन्स का उपयोग किया जाता है। साधारण चश्मों की तुलना में कांटेक्ट लेंस के प्रयोग से चश्में से निजात पाने के साथ-साथ चेहरा भी सुन्दर दिखता है एवं वस्तुए और अधिक साफ नजर आती हैं। इस नेत्रालय में साधारण दृष्टि संबंधी समस्याओं से लेकर जटिल मामलों में भी कांटेक्ट लेंस पहनने का प्रशिक्षण देकर ही कांटेक्ट लेंस दिये जाते हैं। कार्निया प्रत्यारोपित व केरेटोकोनस से पीडि़त मरीजों में कान्टेक्ट लेंस विशेष लाभदायक रहते हैं।

  • लेसिक लेजर द्वारा चश्में हटाना

    लेसिक (LASIK) (Laser Assisted In-Situ Keratomileusis) कार्निया की गोलाई (Radius of Curvature) को कम या ज्यादा कर आँख का पॉवर ठीक करता है जिससे प्रतिबिम्ब आँख के पर्दे पर बनने लगता है और साफ दिखाई देने लगता है। लेसिक बहुत ही आसान व आरामदायक प्रक्रिया है। पहले आँख की जांच की जाती है और निश्चित किया जाता है कि लेसिक के लिए उपयुक्त है कि नहीं। इसके बाद आँख में सफाई व सुन्न करने वाला आई ड्राप डाला जाता है। माइक्रोकेरैटोम से कार्निया की ऊपरी परत (लगभग एक तिहाई) किनारे हटाकर लेसिक लेजर से जितने पावर की कमी होती है उतना पावर बढ़ाया जाता है अन्त में कार्निया के ऊपरी परत को पुनः उसी जगह लगा दिया जाता है इसमें कोई टांका या लेंस नहीं लगाना पड़ता है।

  • आखों की अन्य सभी बिमारियों का इलाज

    Shivaji Eye Hospital आखों की अन्य सभी बिमारियों का इलाज करता है |